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उद्यमिता सम्बर्द्धन हेतु प्रायोगिक (पायलट) परियोजना

प्रायोगिक (पायलट) परियोजना का मुख्य उद्देश्य उद्यमशीलता को एक वैकल्पिक आजीविका विकल्प के रूप में बढ़ावा देना और कौशलीकरण इकोसिस्टम के प्रशिक्षु/लाभार्थियों में से निकलकर आनेवाले संभावित / शुरुआती चरण के उद्यमियों को उद्यमिता शिक्षा और मेंटरशिप परामर्श/ सहयोग प्रदान करना है।

दृष्टि (विज़न)

संभावित और विद्यमान उद्यमियों, जो नया उद्यम शुरू करने या विद्यमान उद्यम को बढ़ाने के इच्छुक हैं, को उद्यमशीलता शिक्षा और मेंटरशिप सहयोग प्रदानकर रोजगार सृजन में वृद्धि करना।

मिशन

आजीविका के एक विकल्प के रूप में उद्यमशीलता को बढ़ावा देना और संभावित एवं प्रारंभिक चरण के उद्यमियों को निरंतर दीर्घकालिक मेंटरशिप परामर्श / सहयोग प्रदान करना।

प्रायोगिक परियोजना को 12 राज्यों और संघशासित क्षेत्रों (दिल्ली, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, केरल, पश्चिमबंगाल, बिहार, असम, मेघालय, उत्तराखंड और महाराष्ट्र) में कार्यान्वित किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य कौशल पारिस्थितिकी तंत्र से निकल कर आने वाले छात्रों/प्रशिक्षुओं और पूर्व छात्रों पर ध्यान केंद्रित करने सहित,उद्यमशीलता शिक्षा / प्रशिक्षण और मेंटरिंग सहयोग के माध्यम से उद्यमिता विकास के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के साथ-साथ उद्यमशीलता नेटवर्क तक पहुँच आसान बनाना है।

परियोजना लागू किए जाने वाले राज्यों में लगभग 300 संस्थानों (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, पॉलिटेक्निक, जनशिक्षण संस्थान, प्रधान मंत्री कौशल केंद्रों) के माध्यम से उद्यमिता शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसके अंतर्गत विद्यमान और संभावित दोनों उद्यमियों को विशेष मॉड्यूल के माध्यम से लाभ पहुंचाने हेतु लक्षित किया जाता है। प्रायोगिक परियोजना उद्यमशीलता विकास, उद्यमशीलता प्रशिक्षण के साथ-साथ परामर्श और मेंटरशिप में अनुभव रखने वाले संगठनों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।