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राष्ट्रीय अनुदेशात्मक मीडिया संस्थान (एनआईएमआई)

राष्ट्रीय अनुदेशात्मक माध्यम संस्थान (निमी) को केन्द्रीय अनुदेशात्मक माध्यम संस्थान (सिमी) के नाम पर वर्ष 1986 में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के अधीन रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय के एक अधीनस्थ कार्यालय के रूप में एक कार्यपालक एजेंसी (जी.टी जेड) GTZ द्वारा जर्मनी सरकार की सहायता के साथ स्थापित किया गया था। सिमी को केबिनेट द्वारा स्वायन्तशासी संस्था का दर्जा देने के अनुमोदन के पश्चात् संस्थान को 1 अप्रैल 1999 में तमिलनाडु सोसाइटी पंजीकरण धारा 1975 के तहत एक सोसाइटी के रूप में राष्ट्रीय अनुदेशात्मक माध्यम संस्थान के नवीन नाम से पंजीकृत किया गया है।

वर्तमान में यह संस्थान कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), नई दिल्ली भारत सरकार के अधीन में स्वायन्तशासी संस्था के रूप में कार्यरत है।

समुचित रूप से तैयारी की गई अनुदेशात्मक सामग्री प्रशिक्षु तथा प्रशिक्षकों के उपयोग हेतु उपलब्ध करना संस्थान की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य है; जिसके फलस्वरूप औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) तथा उद्योग एवं प्रतिष्ठान जो लघु अवधि कौशल पाठ्यक्रमों और शिक्षुता प्रशिक्षण कार्यक्रम को क्रियान्वित करते हैं, उनमें दिए जानेवाले प्रशिक्षण के स्तर में सुधार आए ।

NIMI का पुनर्गठन 2019 की शुरुआत में पूरा हो गया था। मेमोरैंडम ऑफ एसोसिएशन, नियम और अधिनियम को भविष्य की चुनौतियों पर ध्यान देने के साथ संशोधित किया गया है। पुनर्गठन के बाद, NIMI की पहली और दूसरी गवर्निंग काउंसिल की बैठक 23.02.2019 और 04.04.2019 को NIMI, चेन्नई में सचिव, MSDE की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

अधिक जानकारी के लिए कृपयाhttp://nimi.gov.in/.देखें।