Megamenu

मंत्रालय के विषय में

यह मंत्रालय देश भर में कौशल विकास के सभी प्रयासों का समन्वय करने, कुशल जनशक्ति की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को दूर करने, व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण ढांचे का निर्माण करने, कौशल उन्नयन करने, न केवल मौजूदा नौकरियों के लिए, बल्कि सृजित की जाने वाली नौकरियों के लिए भी नए कौशलों और नवीन सोच का निर्माण करने के लिए उत्तरदायी है।

मंत्रालय का उद्देश्य 'कुशल भारत' के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए गति और उच्च मानकों के साथ बड़े पैमाने पर कुशल बनाना है।

इन पहलों में इसकी सहायता करने के लिए इसके कार्यात्मक खंड हैं - प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (एनएसडीए), राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), राष्ट्रीय कौशल विकास निधि (एनएसडीएफ़) और 38 क्षेत्र कौशल परिषदें (एसएससी) के साथ-साथ 33 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान [एनएसटीआई/एनएसटीआई (महिला)], डीजीटी के अंतर्गत लगभग 15000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और एनएसडीसी के साथ 187 प्रशिक्षण भागीदार पंजीकृत हैं। मंत्रालय ने कौशल विकास केंद्रों, विश्वविद्यालयों और इस क्षेत्र के अन्य गठबंधनों के मौजूदा नेटवर्क के साथ काम करने का भी इरादा किया है। इसके अलावा, संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, उद्योग और गैर-सरकारी संगठनों के साथ बहु-स्तरीय जुड़ाव और कौशल विकास प्रयासों के अधिक प्रभावशाली कार्यान्वयन के लिए सहयोग शुरू किया गया है।